लाल किताब: एक प्राचीन ज्योतिष ग्रन्थ
लाल किताब एक प्राचीन ज्योतिष ग्रन्थ है जो 19वीं सदी में पंजाब के पंडित रूपचंद जोशी द्वारा लिखी गई थी। यह ग्रन्थ भारत, पाकिस्तान और अन्य मुस्लिम देशों में बहुत लोकप्रिय है। लाल किताब में ज्योतिष के नियमों का एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है जो वैदिक ज्योतिष से काफी अलग है। लाल किताब की विशेषताएं लाल किताब की कुछ विशेषताएं निम्नलिखित हैं: ग्रहों का तत्वों में बाँटना: लाल किताब में ग्रहों को चार तत्वों में बाँटा गया है: अग्नि, जल, वायु और पृथ्वी। प्रत्येक तत्व के अपने गुण और दोष होते हैं। उदाहरण के लिए, अग्नि तत्व के ग्रहों को शुभ माना जाता है, जबकि जल तत्व के ग्रहों को अशुभ माना जाता है। कुंडली के भावों का बाँटना: लाल किताब में कुंडली के 12 भावों को भी चार तत्वों में बाँटा गया है। प्रत्येक भाव का अपना विशेष महत्व होता है। उदाहरण के लिए, लग्न भाव व्यक्ति के व्यक्तित्व और जीवन के प्रारंभ को दर्शाता है, जबकि 10वाँ भाव व्यक्ति के व्यवसाय और करियर को दर्शाता है। ग्रहों के दृष्टि के नियम: लाल किताब में ग्रहों के दृष्टि के नियम भी वैदिक ज्योतिष से अलग हैं। लाल किताब में दृष्टि भाव...